वाराणसी में ऐतिहासिक धरोहर मणिकर्णिका घाट एवं अहिल्या बाई होलकर की मूर्ति को ध्वस्त करने के विरोध में प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। इसके पूर्व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कार्यालय परिसर से जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष उमाशंकर पाठक ने कहा कि भाजपा की सरकार सत्ता के नशे में इतना चुर हैं कि वाराणसी में ऐतिहासिक धरोहर माता अहिल्याबाई की मूर्ति एवं मणिकर्णिका घाट कों ध्वस्त करने का काम की है। इससे यह स्पष्ट हो रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने पुरखों में कोई विश्वास नहीं है ये समझते हैं कि जो है सब यहीं दो लोग हैं। कहा कि भाजपा के लोग सनातन का नाम लेते हैं जबकि वास्तविकता में इन्हें सनातन से कुछ लेना देना नहीं है। इसका उदाहरण कल प्रयागराज में मौनी अमावस्या मेला में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को अपमानित करने का काम किये हैं। उन्होंने राज्यपाल से यह मांग किया कि काशी के धर्माचार्य से मिल कर विचार विमर्श करते हुए अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति एवं मणिकर्णिका घाट का सौन्दर्यीकरण कराने का काम करें। इस मौके पर सारिका जायसवाल, परशुराम, अंजनी राम, राहुल पांडेय, शेषनाथ राम, सूर्यकांत यादव, लल्लन राम, प्रेम चंद्र यादव, ममता देवी, मीरा देवी, जैनेंद्र पांडेय मिंटू, पुनीत पाठक, बैजनाथ राम, रुपेश चौबे, विवेक ओझा, सिद्ध नाथ तिवारी, विजय मिश्रा,सागर सिंह राहुल, संतोष चौबे अबुल फैज,जाकिर हुसैन आदि रहे।