भियांव दरगाह हजरत सैय्यद मीर मसऊद हमदानी के सालाना उर्स के अवसर पर बृहस्पतिवार देर रात उर्स मेले का आगाज किया गया। हजारों जायरीन ने दरगाह पहुंचकर अकीदत के साथ हाजिरी दी और अमन-चैन व खुशहाली की दुआ मांगी। उर्स के अवसर पर सज्जादानशीन सैय्यद शमीम अहमद चिश्ती मसूदी मदारी की सरपरस्ती में चादर एवं गागर का भव्य जुलूस निकाला गया। जुलूस शाम तीन बजे लहदखाना मैदान से रवाना होकर गांव के विभिन्न मार्गों से होते हुए शाम करीब सात बजे दरगाह परिसर पहुंचा। पूरे मार्ग में अकीदतमंदों ने जुलूस का स्वागत किया। देश के विभिन्न राज्यों से आए जायरीन ने दरगाह पर चादरपोशी कर अपनी मन्नतें मांगीं। इसके बाद देर शाम कुल शरीफ का आयोजन हुआ। रातभर महफ़िल-ए-समा कव्वालीका दौर चलता रहा जिसमें उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली और मुंबई से आए मशहूर कव्वालों ने हज़रत सैय्यद मीर मसऊद हमदानी की शान में सूफियाना कलाम पेश कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर गौस आलम, जमील शाह, यासिर हयात, मोहम्मद आरिफ, सगीर अहमद, क़मर सिद्दीकी, जैद रब्बानी, सैय्यद उसामा, मोहम्मद अहमद सहित खानवादे के अनेक सदस्य व बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।