काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव का सोमवार को वार्षिक कारन शृंगार किया गया। 108 मदिरा की बोतलों के शृंगार के साथ बाबा को 56 प्रकार की मिठाइयों का भोग लगाया गया। देर रात तक भक्त बाबा के कारन शृंगार के दर्शन करते रहे। पूरे मंदिर परिसर को फूलों और कारन से सजाया गया था। सोमवार को भोर में बाबा कालभैरव को सिंदूर और तेल का लेपन किया गया। काशी के कोतवाल के विग्रह को दूध और दही से स्नान कराने के बाद पंचमेवा का भोग लगाया गया। नवीन वस्त्र और आभूषण के साथ ही फूलों से बाबा का भव्य शृंगार हुआ। महंत मोहित योगेश्वर और सुनील दुबे ने बाबा कालभैरव को 56 प्रकार की मिठाइयों का भोग लगाया। पूरे मंदिर परिसर को फूलों के साथ ही कारन से सजाया गया था। इसके बाद मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। बाबा कालभैरव का जयकारा लगाते हुए भक्तों की कतार दर्शन के लिए आगे बढ़ रही थी। शयन आरती तक श्रद्धालुओं ने बाबा कालभैरव के दर्शन किए।