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राहुल गांधी ने कहा: डर, हिंसा और पितृसत्ता पर खुलकर बोलें महिलाएं; पूछा- भारतीय महिला होने का क्या मतलब है?

Fri, 21 Aug 2026 12:38 AM IST
Pavan पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: Pavan Updated Fri, 21 Aug 2026 12:38 AM IST
सार

राहुल गांधी ने महिलाओं से पूछा कि वे अपने अनुभवों के आधार पर बताएं कि भारतीय महिला होना उनके लिए क्या मायने रखता है। उन्होंने कहा कि यह समाज या परिवार की आवाज नहीं, बल्कि महिलाओं की अपनी आवाज होनी चाहिए। उन्होंने महिलाओं से उनके संघर्ष, परेशानियों, बाधाओं, नजरिए और सपनों के बारे में बताने को कहा। उन्होंने यह भी पूछा कि उनकी अपनी कहानी क्या है।

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Rahul Gandhi asks women to share responses on what it means to be Indian woman
राहुल गांधी, सांसद, कांग्रेस - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने महिलाओं से यह बताने को कहा है कि उनके लिए भारतीय महिला होने का क्या मतलब है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए इस मुद्दे पर खुलकर चर्चा करना जरूरी है। राहुल गांधी पुणे में अपने कार्यक्रम 'छात्रों की गूंज' का अगला संस्करण आयोजित करने वाले हैं। इस कार्यक्रम में केवल महिलाएं शामिल होंगी। इसी को लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर महिलाओं से अपने अनुभव और विचार साझा करने की अपील की।
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महिलाओं से मांगे जवाब
राहुल गांधी ने बताया कि कार्यक्रम की तैयारी के दौरान उन्होंने अपनी टीम की महिला सदस्यों से कहा कि वे 20-30 मिनट की प्रस्तुति तैयार करें। इसमें वे बताएं कि एक भारतीय महिला के तौर पर वे समाज, अपने जीवन और आसपास की परिस्थितियों को किस तरह देखती हैं। उन्होंने कहा कि टीम की महिलाओं ने करीब 30 मिनट की प्रस्तुति तैयार की। इसमें उन्होंने बताया कि समाज महिलाओं के साथ किस तरह व्यवहार करता है, उनके सामने क्या अच्छी और बुरी परिस्थितियां आती हैं और एक भारतीय महिला होने के नाते वे क्या महसूस करती हैं। राहुल गांधी ने कहा कि इस अभ्यास से उन्हें महिलाओं की भावनाओं और अनुभवों को समझने में मदद मिली। इसके बाद उन्होंने तय किया कि इस चर्चा को केवल टीम तक सीमित रखने के बजाय सभी महिलाओं के लिए खोलना चाहिए।
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महिलाओं से अपने अनुभव साझा करने की अपील
राहुल गांधी ने कहा कि इस चर्चा में यह भी सामने आना चाहिए कि समाज महिलाओं के साथ किस तरह व्यवहार करता है और उनके खिलाफ डर का इस्तेमाल किस तरह किया जाता है। महिलाओं को किस तरह की हिंसा का सामना करना पड़ता है, वह कहां होती है और इन घटनाओं का एक नागरिक के तौर पर उनके जीवन पर क्या असर पड़ता है, इन सवालों पर भी चर्चा होनी चाहिए।


इस दौरान उन्होंने कुछ महिलाओं के जवाब भी पढ़कर सुनाए। एक महिला ने लिखा कि उसे चिंता के नाम पर लगातार नियंत्रण का सामना करना पड़ता है। एक अन्य महिला के जवाब का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक, कॉलेज की पढ़ाई का महंगा होना या पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाना भी कई बार लड़कियों के कम उम्र में विवाह का कारण बन जाता है।

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डर, हिंसा और पितृसत्ता पर चर्चा की जरूरत
एक अन्य जवाब में महिला ने पितृसत्ता, सपनों के खत्म होने, नैतिक पहरेदारी और अपनी बात रखने पर धमकी मिलने की बात कही। राहुल गांधी ने कहा कि भारतीय महिलाओं के सामने आने वाली परिस्थितियों को बेहतर तरीके से समझने और उनकी स्थिति सुधारने के लिए इस तरह की चर्चा जरूरी है। उन्होंने महिलाओं से ज्यादा से ज्यादा संख्या में अपने अनुभव और विचार साझा करने की अपील की।
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