भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को जिला संयुक्त चिकित्सालय के सामने से कलक्ट्रेट तक जुलूस निकाला। जुलूस के दौरान नारेबाजी करते हुए जातीगत जनगणना कराए जाने की मांग की गई। इसके बाद मांगों से संबंधित प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से बताया कि जनगणना को 10 वर्ष के बाद 2021 में संपन्न होना चाहिए था। मगर, कोरोना के कारण ऐसा नहीं हो सका। 2024 भी गुजरने को है, मगर सरकार की तरफ से राष्ट्रीय जनगणना की कोई कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। कहा कि भारत ही एकमात्र देश है जिस देश में अमीर-गरीब का अंतर है। प्रदेश के किसान, मजदूर, दलित, पिछड़े, छात्र, युवा महिलाएं व गरीब वर्ग के लोग पूरी तरह से सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक, रूप से निचले पायदान पर खड़े होने को मजबूर हैं। ज्ञापन के माध्यम से जातीय जन गणना तत्काल कराई जाने की मांग की गई। साथ ही संविदा, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को नियमित कर्मचारी घोषित करने पर जोर दिया। किसानों का सभी तरह का कर्ज माफ किए जाने तथा एमएसपी की गारंटी की मांग की। मनरेगा मजदूरी 500 रुपये व 300 दिनों तक काम देने की गारंटी दिए जाने की मांग की गई। नजूल भूमि अधिग्रहण रोके जाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 18-20 घंटे बिजली आपूर्ति की मांग की गई। इसके अलावा अन्य मांगे शामिल हैं। इस मौके पर जिला सचिव आरके शर्मा, सह सचिव देव कुमार विश्वकर्मा, प्रेम चंद्र गुप्ता, दिनेश कुमार गोंड, अमरनाथ सूर्य, हृदय नारायण, बसावन गुप्ता, रामसागर शर्मा, बूटन प्रसाद, बंधू सिंह गोंड, बाबू लाल चेरो, चंदन प्रसाद पासवान, बुद्धीराम खरवार, रामविलास, सूरज वंशल, इंद्रवती, रजवंती व हीरावती आदि रहे।