क्षेत्र के मेंहदूपार में चल रहे श्रीराम कथा के छठवें दिन मंगलवार को कथा व्यास गौरव कृष्ण शास्त्री ने भगवान राम द्वारा अहिल्या उद्धार की कथा सुनाई। कथा व्यास ने कहा कि ऋषि विश्वामित्र राजा दशरथ से उनके दोनों पुत्र राम और लक्ष्मण को यज्ञ की रक्षा हेतु आश्रम में ले आए, जहां उन्होंने ताड़का, सुबाहू वध कर अपने पराक्रम का परिचय दिया और धर्म की स्थापना की। ऋषि विश्वामित्र के साथ जनकपुरी जाते समय भगवान राम को एक कुटी दिखाई दी जहां पर एक विशाल पत्थर दिखाई दिया। पत्थर के संदर्भ में ऋषि विश्वामित्र ने भगवान राम को अहिल्या के साथ हुई घटना के वृत्तांत को बताया। भगवान राम ने अपने चरण के रज से माता अहिल्या को उद्धार किया।