मिर्जापुर के जिला पंचायत सभागार में गुरुवार को महिलाओं के उत्पीड़न की राज्य महिला आयोग की सदस्य नीलम प्रभात ने सुनवाई की। एक महिला ने आरोप लगाया कि उसने 10 साल पहले पति से मंदिर में विवाह किया था। तीन बच्चे भी हो गए लेकिन अब पति अपने साथ रखने से इंकार कर रहा है। अब वह कहां जाए। शिकायत करने वाली महिला के पति से जब पूछा गया तो उसने कहा कि वह उसका पूर्व पति है। इस समय आरोपी महिला का पति कोई और है। इस मामले को मीडिएशन सेंटर भेजा दिया गया। इसी प्रकार नगर की एक महिला ने शिकायत की कि वह अपनी भतीजी के साथ जा रही थी तो पड़ोसी युवक ने उस पर हमला कर दिया। हलिया की एक महिला ने आरोप लगाया कि एक युवक ने शादी का झांसा देकर संबंध बनाया। वह गर्भवती हो गई और बच्चा भी पैदा हुआ लेकिन अब युवक विवाह करने से इंकार कर रहा है। इसके अतिरिक्त तलाक के भी मामले आए। इस दौरान कुल आठ मामले आए। सदस्य नीलम प्रभात ने कहा कि परिवार में सामंजस्य बनाना जरूरी है। उन्होंने सभी मामलों में कार्रवाई का निर्देश दिया। इस अवसर पर डीपीओ शक्ति त्रिपाठी, सीओ शिखा भारती, डा. पूजा मौर्या, मीना आदि थे।