चालीहा महोत्सव के अवसर पर सोमवार को गुजैनी स्थित श्री झूलेलाल मंदिर से शोभायात्रा निकाली गई। अखंड ज्योति, भगवान झूलेलाल के साथ अमर कथा की झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। बाबा महाकाल की झांकी भी विशेष रूप से शामिल की गई। बैंड-बाजे, सिंधी ढोल और शहनाई की मधुर धुन के बीच लाल झूलेलाल, आयो लाल झूलेलाल के जयकारों से पूरा मार्ग गूंजता रहा। श्रद्धालु भक्ति में डांडिया नृत्य करते और झूमते हुए आगे बढ़ते रहे। भगवान झूलेलाल के रथ को खींचने के लिए श्रद्धालुओं में होड़ रही। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने झांकियों का स्वागत किया और भगवान झूलेलाल की आरती कर प्रसाद वितरित किया। शोभायात्रा गुजैनी मंदिर से शुरू होकर रतनलाल नगर, बर्रा-3 मंदिर, शास्त्री चौक, इंद्रप्रस्थ और दबौली मार्केट होते हुए वापस मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। दबौली बाजार में झांकियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के कारण मेले जैसा माहौल रहा। मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोज माखीजा और महामंत्री आरके बजाज ने बताया कि चालिहा महोत्सव सिंधी समाज की आस्था और संस्कृति का प्रमुख पर्व है। शोभायात्रा में धीरज हिरानी, करन कुकरेजा, प्रीतम दास, गोलू, कमल लखूजा, ओमी समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे।