मजहबी जुलूसों में डीजे, नाच-गाने व स्टंटबाजी के खिलाफ चश्म-ए-दारुल इफ्ता बरेली ने फतवा दिया है। यह फतवा दारुल इफ्ता के हेड मुफ्ती मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने बृहस्पतिवार को जारी किया। इसमें कहा गया है कि आजकल कुछ मुस्लिम नौजवान धार्मिक जुलूसों जैसे जुलूस-ए-मोहम्मदी और उर्स के दिनों में डीजे का खूब इस्तेमाल करते हैं। डीजे के गाने पर नौजवान नात शरीफ की आवाज पर हाथों में रुमाल लहराते हुए डांस करते हैं। ये तमाम काम शरीयत की नजर में नाजायज और हराम हैं।