देश-दुनिया में मशहूर बरेली के मांझा कारोबार संकट के दौर से गुजर रहा है। चीनी मांझे की बढ़ती मांग और खपत यहां के देसी कारोबार को जख्म दे रहा है। सड़कों पर उड़ता यह चीनी मांझा कई शहरवासियों को भी लहूलुहान कर चुका है। पिछले साल सात फरवरी को बाकरगंज में चीनी मांझे के निर्माण के दौरान बारूद व शीशे का मिश्रण तैयार करते वक्त विस्फोट होने से कारखाना मालिक और कारीगरों समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी। इससे पहले भी इस तरह के धमाकों में कारीगरों की जान जा चुकी है। वहीं ईदगाह के आसपास के इलाके में बनाए जाने वाले मशहूर देसी मांझे की बिक्री देश के विभिन्न राज्यों सहित अमेरिका, लंदन, दुबई आदि देशों तक की जाती है।