आर्य वीर दल पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं आर्य वीर दल बलिया के तत्वावधान में आयोजित आर्य वीर चरित्र निर्माण शिविर का समापन समारोह प्राथमिक विद्यालय शेरवां कलां में बुधवार को संपन्न हुआ। कार्यक्रम में सात दिवसीय प्रशिक्षण में पूर्व माध्यमिक विद्यालय शेरवां कलां के प्रांगण में बच्चों को सर्वांग सुन्दर व्यायाम, डम्बल, लेजियम, लाठी, भाला व गोल चक्र संचलन का प्रशिक्षण दिया गया साथ बच्चों को भारत के पुरातन संस्कृति से साक्षात्कार कराकर बच्चों को आर्यवीर व वीरांगना बनने हेतु प्रेरित किया गया। प्रांतीय संचालक आर्य वीर दल पूर्वी उत्तर प्रदेश के आचार्य ज्ञान प्रकाश वैदिक ने कहा कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए आर्य वीर दल ने ऐसे वीरों को जन्म दिया, जिन्होंने भारत माता को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने हेतु अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि श्यामजी कृष्ण वर्मा, पंडित रामप्रसाद बिस्मिल, लाला लाजपत राय, चंद्रशेखर आज़ाद, उधम सिंह और भगत सिंह जैसे महान क्रांतिकारी उसी वैदिक राष्ट्रभक्ति की भट्टी में तपकर तैयार हुए, जिसकी प्रेरणा आर्य समाज और आर्य वीर दल ने दी। कमला सिंह आर्य ने कहा कि आर्य वीर दल, आर्य समाज का सशक्त युवा संगठन है, जो राष्ट्र सेवा और संस्कृति रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहता है। कार्यक्रम के संयोजक राजेश आर्य ने बताया कि चरित्र निर्माण शिविरों का उद्देश्य युवाओं में संयम, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और नैतिक मूल्यों का विकास करना है। मुख्य वक्ता अरुण प्रसाद ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती द्वारा प्रज्वलित वैदिक चेतना का दीपक ‘आर्य समाज’ के रूप में आगे बढ़ा, जिसने देश और समाज की उन्नति के लिए बहुआयामी कार्य किए। इस मौके पर गौरव आर्य, चंद्रभूषण प्रजापति, शंकर कुमार रावत, दिलीप कुमार, विवेक आर्य सागर, अनुज आर्य, राधा आर्या, शालू आर्या, विपिन आर्य, सोनम आर्य, ब्रजकिशोर आर्य, शुभम आर्य, ओम भारद्वाज , गंगा आर्य , शुभम आर्य, विश्वास आर्य, सुदर्शन सिंह आर्य, आनंद आर्य ,सहित बड़ी संख्या में आर्य वीर एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।