भारत व नेपाल के बीच रोटी-बेटी के संबंध हैं, इसके चलते सीमावर्ती गांवों के सैकड़ो लोगों की रिश्तेदारी नेपाल में है। वहीं सैकड़ो नेपाली युवतियों का विवाह सीमावर्ती गांवों में हुआ है। नेपाल में हिंसा व हिंसा में 19 से अधिक लोगों के मारे जाने की सूचना के बाद सीमावर्ती गांवों के लोग अपनों के लिए चिंतित हैं। सभी फोन पर अपनों से नेपाल के हालात की पल-पल की खबर ले रहे हैं। हांलांकि, इंटरनेट बहाल होने से लोगों ने राहत की सांस ली है। पत्नी अपनों को लेकर दहशत में जमुनहा बाजार निवासी मुन्ना लाल साहनी ने बताया कि उनका विवाह नेपाल के बांके जिला के नेपालगंज थाना के पुरैनी वार्ड नंबर- 2 के निवासी राधेश्याम की बेटी के साथ हुआ है। हिंसा के बाद इंटरनेट बंद होने से पत्नी दहशत में थी। इंटरनेट सेवा बहाल होने के बाद पत्नी ने राहत की सांस ली है, लेकिन जारी हिंसा के चलते डर बना हुआ है। भाई समेत पूरा परिवार दुखी जमुनहा के कलकलवा निवासी दीनानाथ वर्मा ने बताया कि उनके भाई की ससुराल नेपाल राष्ट्र के बांके जिला के पिपरहवा थाना के खड़ईचा गांव में है। अचानक इंटरनेट सेवा बंद होने से पूरा परिवार डर गया था। फोन पर जानकारी ली जा रही है, नेपाल के हालात अभी ठीक नहीं हैं। हिंसा होते ही बहु को लेकर भागे जमुनहा के रघुनाथपुर निवासी ननकू ने बताया कि नेपाल के अंदर हिंसा हो रही थी, इस पर बहु का इलाज कराने के लिए जमुनहा से सटे नेपालगंज गए थे। इस दौरान नेपालगंज में भी उग्र प्रदर्शन व हिंसा होने की सूचना मिली, इसके बाद बहु के साथ जान बचाकर घर भाग आये। सोमवार रात से इंटरनेट चलने के बाद मिली राहत जमुनहा के दमोदरा ईंट भट्टा के संचालक संतोष पाठक ने बताया कि उनकी छोटी बेटी का विवाह नेपाल राष्ट्र के बांके जिला के बेलभार थाना क्षेत्र के बनकटवा निवासी दिनेश मिश्रा के बेटे के साथ हुआ है। बेटी ससुराल में ही है। चार सितंबर को इंटरनेट पर बैन और उसके बाद हिंसा भड़कने के बाद से पूरा परिवार डरा हुआ था। सोमवार की रात से इंटरनेट चालू होने के बाद सभी के जान में जान आई है। हिंसा के चलते डर अभी बना हुआ है।