डालीबाग स्थित लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की सरदार वल्लभभाई पटेल आवासीय योजना पर संकट के बादल मंडराते नजर आ रहे हैं। सिंचाई विभाग ने इस परियोजना को कथित रूप से अतिक्रमण की श्रेणी में बताते हुए नोटिस चस्पा कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, सिंचाई विभाग की ओर से लगाए गए नोटिस को बाद में एलडीए कर्मियों द्वारा ढक दिए जाने की चर्चा है। हालांकि यदि सिंचाई विभाग का दावा सही साबित होता है, तो 72 फ्लैटों वाली इस आवासीय योजना पर बड़ा असर पड़ सकता है। यह योजना उस भूमि पर विकसित की गई है जिसे पूर्व में माफिया मुख्तार अंसारी के कब्जे से मुक्त कराया गया था। करीब छह माह पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं योजना के लाभार्थियों को आवंटन पत्र वितरित किए थे तथा गृह प्रवेश से संबंधित सामग्री भी प्रदान की थी। हालांकि आवंटन के बावजूद अब तक किसी भी लाभार्थी को फ्लैट का वास्तविक कब्जा नहीं मिल सका है। ऐसे में सिंचाई विभाग के नोटिस के बाद योजना से जुड़े आवंटियों की चिंता बढ़ गई है। फिलहाल इस मामले में एलडीए और सिंचाई विभाग की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। यदि भूमि स्वामित्व और अतिक्रमण को लेकर विवाद बढ़ता है तो परियोजना के भविष्य और आवंटियों के हितों पर इसका प्रभाव पड़ सकता है। मामले पर सभी की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।