वाराणसी के राजेंद्र प्रसाद घाट के किनारे महामूर्ख सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस आयोजन के दौरान मंडप सजा और दूल्हा बनी नारी का सम्मान हुआ। बता दें कि काशी का ये आयोजन हर साल एक अप्रैल को होता है। इसका संदेश काशी की मस्ती को दर्शाना होता है। यहां पर हास्य कवियों ने चुटीले व्यंग्य किए और हर किसी को गुदगुदाने का काम किया।