वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने दो उपनिरीक्षकों पर रिश्वत लेने, धमकी देने और कार्रवाई में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। नई बाजार खोजवां निवासी रितेश सिंह ने शिकायत में बताया कि वह अपनी नाबालिग बहन के साथ रहता है और माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है। रितेश के अनुसार, वर्ष 2025 में दर्ज मुकदमा संख्या 284/2025 में वह वादी है, जिसमें आरोप है कि अभियुक्तों ने उसकी मृतक मां का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर संपत्ति से जुड़ा लाभ लिया। इस मामले की विवेचना उपनिरीक्षक आदित्य मिश्रा कर रहे थे। पीड़ित का आरोप है कि विवेचना के दौरान आरोपी पुलिसकर्मियों ने गिरफ्तारी के नाम पर 50 हजार रुपये की मांग की। शिकायत में कहा गया है कि दबाव में आकर उसने अपने अधिवक्ता के माध्यम से दो किश्तों में 23,500 रुपये उपनिरीक्षक आदित्य मिश्रा को दिए। इसके बाद भी गिरफ्तारी नहीं हुई और बार-बार टालमटोल किया जाता रहा। आगे आरोप है कि दूसरे उपनिरीक्षक योगेन्द्र प्रताप सिंह ने भी सहयोग के नाम पर 10 हजार रुपये लिए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। रितेश ने यह भी आरोप लगाया कि जब उसने पैसे वापस मांगे तो दोनों पुलिसकर्मियों ने उसे झूठे मुकदमे में फंसाने और जेल भेजने की धमकी दी। यहां तक कि फर्जी एनकाउंटर और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसी बातें भी कही गईं। पीड़ित का कहना है कि उसके पास व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं, जिन्हें उसने पेनड्राइव में सुरक्षित रखा है। पीड़ित ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि दोनों उपनिरीक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए और मूल मामले में आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। फिलहाल, इस मामले में पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।