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न्यूरोलॉजिकल शिक्षा, अनुसंधान पर विशेष ध्यान देना होगा, संवाद भी जरूरी; VIDEO

Aman Vishwakarma Updated Sat, 28 Mar 2026 11:36 PM IST

वाराणसी न्यूरोलॉजिकल सोसायटी की ओर से आयोजित दो दिवसीय न्यूरो भारत कॉन्क्लेव में वक्ताओं ने न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के कारण, उपचार की विधि पर विस्तृत चर्चा की। उद्घाटन समारोह में बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि न्यूरोलॉजिकल शिक्षा, अनुसंधान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। साथ ही आपसी संवाद को भी बढ़ावा देना जरूरी है। नदेसर स्थित होटल में आयोजित सभागार में आईएमएस बीएचयू के साथ ही दिल्ली, मुंबई, चंडीगढ़, लखनऊ आदि जगहों से बड़ी संख्या में विशेषज्ञों ने न्यूरोसाइंस की चुनौतियों पर चर्चा की। बीएचयू कुलपति ने कहा कि न्यूरोलॉजिकल शिक्षा, अनुसंधान और सहयोगात्मक संवाद को आगे बढ़ाने की दिशा में इस तरह के आयोजन अहम होंगे। दो दिन तक होने वाले इस आयोजन में होने वाली चर्चाएं निश्चित तौर पर डॉक्टराें के साथ-साथ मरीजों के लिए भी लाभकारी होगी। पहले दिन अलग-अलग सत्रों में एंडोस्पाइनल सर्जरी, सीपी एंगल टयूमर, टयूमर सर्जरी, न्यूरो आंकोलॉजी आदि विषय पर अपनी बात रखी। आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. अविनाश चंद्र सिंह, डाॅ. राकेश सिंह ने बताया कि न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में नई तकनीक से उपचार पर विशेषज्ञों को एक मंच पर लाना ही कार्यक्रम का उद्देश्य है। इससे प्रतिभागियों और इस क्षेत्र के विशेषज्ञों को न्यूरोलॉजिकल विज्ञान में हाल की प्रगति, नैदानिक पद्धतियों और उभरते रुझानों पर विचार-विमर्श करने का मौका मिल सके।

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