उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को अधीक्षण अभियंता ज्ञानेंद्र सिंह से मुलाकात कर जिले की चरमराई विद्युत व्यवस्था पर नाराजगी जताई। व्यापारियों ने विभिन्न समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग की। कुछ शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कराया गया। जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा ने कहा कि नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापारी व आमजन लगातार बिजली संकट से जूझ रहे हैं। भीषण गर्मी में बार-बार बिजली कटौती से पेयजल संकट गहरा गया है। व्यापार प्रभावित हो रहा है और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी खराब हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपभोक्ताओं व व्यापारियों के फोन तक नहीं उठाते। उन्होंने बताया कि मुख्यालय से सटे पेटराहीं, परासी, निपराज, रघुनाथपुर, लसड़ा, ककरी, बेठगांव, श्रीपालपुर, तरावां, बड़कागांव, गेंगुवार और बिच्छी समेत कई गांवों में विद्युत आपूर्ति बाधित है। घोरावल ब्लॉक के भी कई गांव अंधेरे में हैं। नगर अध्यक्ष प्रशांत जैन ने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल तकनीकी टीम भेजकर फॉल्ट दूर कराने की मांग की। वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष राजू जायसवाल ने अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और विद्युत व्यवस्था की नियमित समीक्षा के लिए प्रशासन, विद्युत विभाग और व्यापारी संगठनों की संयुक्त बैठक प्रतिमाह आयोजित कराने का सुझाव दिया। सिद्धार्थ सांवरिया, टीपू अली और विनय जायसवाल ने खराब ट्रांसफार्मरों को 24 घंटे के भीतर बदलने और लो वोल्टेज की समस्या दूर करने की मांग रखी। दिनेश सिंह, अभिषेक साहू और प्रतीक केसरी ने जर्जर विद्युत पोल और नीचे लटक रहे तारों को हादसे का कारण बताते हुए तत्काल मरम्मत कराने की मांग की। अधीक्षण अभियंता ने समुचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।