आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल के दौरान चतरा सीएचसी की तीन आशा कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार और झूठे आरोप लगाने के खिलाफ बुधवार को ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (एक्टू) ने सीएमओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया। ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि 15 दिसंबर से आशा वर्कर्स यूनियन के आह्वान पर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आशा कार्यकर्ता हड़ताल पर हैं। इसकी पूर्व सूचना जिला प्रशासन, स्वास्थ्य मिशन, श्रम विभाग और सीएचसी प्रबंधन को समय से दे दी गई थी। संगठन का दावा है कि 23 दिसंबर को सरकार के साथ वार्ता भी हुई थी, बावजूद चतरा सीएचसी अधीक्षक ने आशा वर्कर्स जानकी, कुसुम और धर्मशीला पर आधारहीन आरोप लगाकर प्रताड़ित करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि आशा कर्मियों ने न तो वैक्सीन को नुकसान पहुंचाया, न किसी को काम रोका और न हड़ताल के दौरान कोई बाधा डाली। फिर भी बिना तथ्य और बिना जांच, उन्हें डराने-धमकाने की नीयत से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। सीएमओ से मांग की है कि आशा बहुओं के उत्पीड़न को रोकें, आधारहीन आरोप वापस लें और हड़तालरत आशाओं को सुरक्षा एवं सम्मान प्रदान किया जाए। ज्ञापन देने वालों में प्रदेश कमेटी सदस्य कलीम अंसारी, अध्यक्ष तारा देवी, सचिव जानकी देवी, बबीता, रिजवाना, सुनीता, राधिका, चंद्रकला, नीरा, मनाकी, पूनम, सुमन आदि मौजूद रहे।