श्रावस्ती जिले में मनचिंता का पर्व शुक्रवार को मनाया गया। इस दौरान महिलाओं व युवतियों ने निर्जला व्रत रखकर तालाब व सरोवर के किनारे विधि विधान से मनचिंता देवी की पूजा की। महिलाओं ने बताया कि इस पूजा से मन की सारी चिंता को माता मनचिंता देवी दूर कर देती हैं। परिवार में सुख समृद्धि का वास होता है। मनचिंता देवी की पूजा धूमधाम से की गई। महिलाओं व युवतियों ने निर्जला व्रत रखा। इसके बाद आसपास के क्षेत्रों में नदी व तालाब के किनारे बने घाटों पर सूर्यदेव को अर्घ्य देकर पूजा की। भिनगा के सर्वामाई धाम पर स्थित तालाब के किनारे बने घाट पर महिलाओं ने पौराणिक मान्यता है कि दीपावली के बाद यदि महिलाएं व युवतियां निर्जला व्रत रख जलाशयों पर जाकर मनचिंता देवी की पूजा व आराधना के साथ ही सूर्य को अर्घ्य देकर उसी जल को ग्रहण कर व्रत का पारण करती हैं तो उनके परिवार व कुटुंब के समस्त मानसिक चिंताओं का हरण होता है। उनके घर परिवार में सुख व समृद्धि आती है। इसी क्रम में इकौना के दशहरा मैदान, गिलौला, सिरसिया, जमुनहा, हरिहरपुररानी तथा कटरा क्षेत्र के कई स्थानों पर मनचिंता पर्व मनाया गया। जहां महिलाओं व युवतियों ने जलाशयों के किनारे पूजन कर चावल से बने पीठा का प्रसाद व जलाशय का जल को ग्रहण कर अपना व्रत संपन्न किया। इकौना में मनचिंता पर्व पर महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर विधि विधान से मनचिंता देवी की पूजा की।