शाहजहांपुर के स्वामी शुकदेवानंद महाविद्यालय (एसएस कॉलेज) के वाणिज्य विभाग में बुधवार को सात दिवसीय प्रबंधकीय विकास कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसमें तकनीक और नवाचार के फायदों को गिनाया गया। वक्ताओं ने कहा कि युवा उद्यमियों के दृष्टिकोण बड़े होने चाहिए। मुख्य वक्ता केएमसी भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ के वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष प्रो. नीरज शुक्ला ने कहा कि वर्तमान समय अवसरों से भरा है। तकनीक, नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति, डिजिटल प्लेटफॉर्म आदि हर क्षेत्र में नए दरवाजे खुल रहे हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि कुछ लोग इन अवसरों को पहचानते हैं और आगे बढ़ते हैं, जबकि कुछ लोग इंतजार करते रह जाते हैं। एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.मनीष कुमार ने कहा कि जोखिम उठाने की क्षमता, नया करने की इच्छा और सकारात्मक सोच सफलता का मूलमंत्र होते हैं। विशिष्ट अतिथि सूक्ष्म लघु व मध्यम उद्योग मंत्रालय के आगरा क्षेत्र के क्षेत्राधिकारी राजन यादव ने भारत सरकार के रोजगार व उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डाला। प्राचार्य डॉ. आरके आजाद ने कहा कि युवा उद्यमियों की शुरुआत छोटी हो सकती है, संसाधन सीमित हो सकते हैं, किंतु उनका दृष्टिकोण बड़ा होना चाहिए। कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. एके मिश्रा, संयोजक प्रो. अनुराग अग्रवाल ने विचार रखे। इससे पहले संगीत विभाग की डॉ.कविता भटनागर, काजल मिश्रा और संजीत कुमार ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। बीकॉम की छात्रा दीया गुप्ता और कशिश रोहरा ने अतिथियों का चंदन तिलक लगाकर स्वागत किया। डॉ. रूपक श्रीवास्तव के संचालन में हुए कार्यक्रम में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय लखनऊ और स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज के मध्य शैक्षिक क्रियाकलापों के लिए एमओयू भी हस्ताक्षर किया गया। इस मौके पर डॉ. देवेंद्र सिंह, डॉ. कमलेश गौतम, डॉ. गौरव सक्सेना, डॉ. विजय तिवारी, डॉ. अजय वर्मा, डॉ. संतोष सिंह, ब्रज लाली चौबे आदि मौजूद रहे।