परिषदीय विद्यालयों का विलय किए जाने के विरोध में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने फिर आवाज बुलंद की। इस बार हाथों में मशाल, बैनर और पोस्टर लेकर पैदल मार्च किया। विकास भवन परिसर में जुटे पदाधिकारी और शिक्षक डिग्री कॉलेज चौराहा, कचहरी रोड होते हुए आंबेडकर प्रतिमा तक पहुंचे। पदाधिकारियों ने कहा कि अधिकारियों की तानाशाही बिल्कुल ही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ने कहा कि शिक्षकों के साथ प्रधानों पर दबाव बनाकर विद्यालयों का विलय किया जा रहा है। संगठन ने पहले ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन देकर अपनी विरोध जता दिया था। इसके बावजूद मनमाने तरीके से प्रस्ताव लेकर स्कूलों का विलय करने का आदेश जारी किया जा रहा है। कहा किजरूरत पड़ी तो अपनी आवाज सांसदों और विधायकों के माध्यम से सदन तक पहुंचाएंगे। धरना-प्रदर्शन भी शुरू करेंगे। जिला महामंत्री संजय कनौजिया ने कहा कि विद्यालयों का विलय पूरी तरीके से गलत है। इसका विरोध किया जाता रहेगा। इस मुद्दे पर 4 से 7 जुलाई तक जनप्रतिनिधियों को नियम विरुद्ध होने वाले स्कूलों के विलय के बारे में जानकारी देंगे और जनजागरण अभियान चलाएंगे। बीएसए दफ्तर के सामने धरना-प्रदर्शन के साथ ही जिलाधिकारी को ज्ञापन भी देंगे। इस मौके पर मधुकर सिंह, संजय सिंह, बृजेंद्र, विजय सिंह, रणविजय सिंह, अनूप, प्रतिमा सिंह, शशि देवी, हरिमोहन यादव, हरिवंश सिंह, अनुराग मिश्रा, कौशलेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।