विद्युत निगम के कर्मचारियों ने फतहां स्थित मुख्य अभियंता वितरण कार्यालय पर गुरुवार को भी विरोध प्रदर्शन जारी रखा। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि निजीकरण के प्रस्ताव को वापस लेने के साथ हटाए गए सभी संविदा कर्मियों को तत्काल नौकरी में वापस लिया जाए। कर्मचारियों ने कहा कि निजीकरण के बाद दिल्ली में एक साल के अन्दर-अन्दर लगभग 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वीआरएस लेने के लिए विवश कर दिया गया था। कहा कि अकेले पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम में लगभग 50 हजार संविदा कर्मियों और 26 हजार नियमित कर्मचारियों पर छंटनी की तलवार लटकी हुई है। सभा में दीपक सिंह, बृजेश कुमार, सुरज कुमार, प्रदीप कुमार मौर्य, राजेश कुमार गौतम, पंकज कुमार आदि उपस्थित रहे।