गाजीपुर जनपद के मरदह थाना क्षेत्र के नवादा गांव निवासी अफजल द्वारा मुख्तार गिरोह के साथ मिलकर अवैध रूप से अर्जित धन से करीब डेढ करोड रुपए की लागत से बनाए गए मकान को मंगलवार को पुलिस ने कुर्क कर दिया। नगर क्षेत्राधिकार अंजनी कुमार पांडेय, कोतवाल प्रभारी अनिल कुमार सिंह और दक्षिण टोला थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह के साथ गाजीपुर जनपद के मरदह थाने की पुलिस की मौजूदगी में मुनादी किया गया। घर के गेट के बाहर पुलिस ने एक बोर्ड पर जिलाधिकारी मऊ प्रवीण मिश्र के निर्देश को पढ़ कर सुनाया। नगर क्षेत्राधिकारी अंजनी कुमार पांडेय ने बताया कि पूर्व सदर विधायक और माफिया मुख्तार अंसारी के गिरोह (आईएस 191) से जुड़कर गाजीपुर जनपद के नवादा निवासी अफजल और इसके भाई अमजद ने करोड़ों का मकान बनवाया था। इस मामले को लेकर शहर कोतवाली में गिरोहबंद एवं समाजविरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज है। इसी मामले की विवेचना दक्षिण टोला थाने की पुलिस कर रही थी। जांच के दौरान अफजल के खिलाफ गैंगस्टर सहित तीन मुकदमे दर्ज किए गए थे। अभियुक्त अपने आर्थिक एवं भौतिक लाभ के लिए अपराध जगत से अर्जित धन से अपने पिता इरफान पुत्र स्व. जकी खान के नाम से मौजा नेवादा पठानपुरा तहसील कासिमाबाद जनपद गाजीपुर में जमीन अराजी नं0 1646 रकबा 0.1260 हे0 के पूर्ण रकबे पर, अराजी नं0 1645 रकबा 0.0410 हे0 के आंशिक भाग पर एवं अराजी नं0 1653 रकबा 0.0760 हे0 के आंशिक भाग पर आलीशान बनाया था, जिसकी अनुमानित कीमत 01 करोड़ 51 लाख 05 हजार 702 रुपये है। अभियुक्त अफजल अहमद एवं उसके भाई अमजद तथा उसके पिता के पास आय का ऐसा कोई वैध स्रोत नहीं पाया गया, जिससे भवन बनाया जा सके। पुलिस अधीक्षक इलामारन जी ने 19 दिसंबर को उक्त मकान को कुर्क करने की संस्तुति दिया था। डीएम ने बीते 30 जनवरी को जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र ने गाजीपुर के नवादा में बने करीब एक करोड़ 51 लाख 05 हजार 702 रुपए की लागत से बने मकान को कुर्क करने का आदेश दिया था। इसी क्रम में मंगलवार को जनपद की दो थाना और गाज़ीपुर जनपद की एक थाने की संयुक्त पुलिस ने मकान को कुर्क कर दिया। बताया कि उक्त मकान ना तो बचा जा सकेगा और न ही इसे कोई खरीदेगा। संपत्ति पर पूर्ण रूप से सरकार का अधिकार होगा।