लखीमपुर खीरी में पिरामिड स्पिरिचुअल सोसाइटीज मूवमेंट के आह्वान पर रविवार को शहर के एक गेस्ट हाउस में लखीमपुर मेडिटेशन ग्रुप की ओर से ध्यान प्रकाश समागम का आयोजन किया गया। समागम में मास्टर डॉ. संगीता गुप्ता ने कहा कि केवल ध्यान करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपनी सोच और व्यवहार में भी सकारात्मकता लाना जरूरी है। मास्टर प्रशंसा सिंह ने सांसों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सांस हमारे जन्म से लेकर जीवन भर हमारे साथ रहती है। हमारा जीवन का पूरा खेल सांसों से जुड़ा है। मास्टर पूनम आर्य ने कहा कि ध्यान से हर समस्या से छूटकारा पा सकता है। व्यक्ति की जितनी उम्र है, उतने मिनट ध्यान जरूर करें। मास्टर विपिन कुमार चौधरी ने मन की अवधारणा पर चर्चा की। मास्टर चंद्रजीत वर्मा ने कहा कि ध्यान से मन में अनेक भ्रम और विचार आते हैं, लेकिन नियमित और धीरे-धीरे समाप्त होने लगते हैं।