इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी सेक्टर की चुनौतियों और भविष्य की जरूरतों पर चर्चा करने के उद्देश्य से आईआईटी कानपुर और इंडियन नेशनल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को दो दिवसीय इंजीनियर्स कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इसमें देशभर के शीर्ष वैज्ञानिकों, उद्योग विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने हिस्सा लिया। कॉन्क्लेव में हुई चर्चाओं और सिफारिशों की रिपोर्ट से राष्ट्रीय तकनीकी नीति बनाने में मदद ली जाएगी। कार्यक्रम का शुभारंभ इंडियन नेशनल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग के अध्यक्ष जेडी पाटिल, इसरो के पूर्व चेयरमैन एस. सोमनाथ, आईआईटी कानपुर निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने दिया। इसमें डीआरडीओ, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और देशभर के आईआईटी, एनआईटी व विश्वविद्यालयों के शिक्षाविद शामिल हुए। विशेषज्ञों ने कहा कि भारत तेजी से इंडस्ट्री 4.0 और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में एकेडमिक संस्थान, उद्योग और सरकार के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है ताकि देश की तकनीकी नीतियां व्यावहारिक और भविष्य के अनुरूप बनाई जा सकें। इस दौरान रक्षा तकनीक, ऊर्जा, डिजिटल इंडिया, साइबर फिजिकल सिस्टम, स्पेस टेक्नोलॉजी और सस्टेनेबल इंजीनियरिंग जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई।