रैंकिंग में तहसील के नंबर वन होने के बाद भी कार्यवाही होने व काम के दबाव को लेकर लेखपालों का कार्य बहिष्कार दूसरे दिन भी जारी रहा। शनिवार को एसडीएम व तहसीलदार से वार्ता के बाद कोई सहमति न मिलने पर धरना चलता रहा। तहसीलदार कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे लेखपालों में बताया कि प्रदेश रैंकिंग में तहसील पहले नंबर आई है। इसके बावजूद खिलाफ कार्यवाही की जाती है। वहीं कई लेखपालों को कार्य क्षेत्र नहीं दिया जा रहा है। जिससे मानसिक तनाव में रहते हैं। इसी को लेकर कार्य बहिष्कार किया जा रहा है। धरने के बीच एसडीएम व तहसीलदार से कार्य बहिष्कार खत्म करने को लेकर वार्ता भी हुई, लेकिन सहमति न बनने से धरना जारी रहा। धरना प्रदर्शन में तहसील कार्यकारिणी के सदस्यों के अतिरिक्त जिला अध्यक्ष मोहित सचान, जिला मन्त्री सुजीत कुशवाहा, राजेश कुमार सिंह, रामखिलावन, राजेश अकेला, बलवीर सिंह आदि उपस्थित रहे।