कौशलपुरी स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर में सनातन साहित्य संगम की ओर चल रही पांच दिवसीय शिव महापुराण कथा का हवन-पूजन के साथ समापन हो गया। बाद में भंडारे का आयोजन किया गया। वहीं शाम के समय धनुष यज्ञ और राम विवाह लीला का मंचन किया गया। कलाकरों का भावपूर्ण मंचन देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। धनुष टूटते ही दर्शकों ने जय श्री राम के जयकारे लगाए। धनुष भंग लीला के बाद परशुराम और लक्ष्मण के बीच तीखे संवाद हुए। श्रीराम चरित्र मानस की चौपाइयों में पिरोए संवाद को लोगों ने खूब पंसद किया। सनातन साहित्य संगम के सचिव प्रसून चौहान ने बताया कि रामलीला में उस प्रेम को दर्शाने का प्रयास किया गया जो गुरु-शिष्य और भाई-भाई के बीच होना चाहिए। रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक माैजूद रहे।