टांडा कला ग्राम सभा के मड़ई पुरवा के ग्रामीण आज के आधुनिक दौर में भी आवागमन के लिए मोहताज हैं। गांव के यादव, प्रजापति और गोसाईं समाज के लगभग 100 परिवारों की आबादी वर्षों से मुख्य लिंक मार्ग (टांडाकला-मारूफपुर सड़क) से कटकर जीने को मजबूर है। गांव तक पहुंचने के लिए कोई पक्का रास्ता नहीं है, जिससे ग्रामीण केवल खेतों की मेड़ और पतली पगडंडी के सहारे चलने को विवश हैं।