कालागढ़। कार्बेट टाइगर रिजर्व/नेशनल पार्क के डूब क्षेत्र के इलाके में रामगंगा नदी के तट पर मगरमच्छ ने एक हमलावर बाघ को बैकफुट पर पहुंचा दिया। वनों में वन्यजीवन की समृद्धि की घटी यह घटना पर्यटकों में रोमांचकारी बन गई। कार्बेट टाइगर रिजर्व/नेशनल पार्क के वनों में वन्यजीवन की अनेक रोमांचकारी घटनाएं देश विदेश के पर्यटकों के दिलों पर छा जाती हैं। पर्यटकों ने ढिकाला पर्यटन जोन में एक बाघ को रामगंगा नदी के तट पर घात लगाए देखा। बाघ को देखने के लिए पर्यटक जमा हो गए। इसी दौरान बाघ ने नदी में एक जीव पर हमला कर दिया। पर वह एक विशालकाय मगरमच्छ था। दूसरा पहलू यह रहा कि मगरमच्छ भी बाघ को पानी में से ही ताड़ रहा था। जैसे बाघ उस पर हमलावर हुआ वैसे ही मगरमच्छ ने भी बाघ पर हमला बोल दिया। बाघ को हमले का सही जवाब मिला। बाघ मगरमच्छ से डरकर जान बचाकर पीछे हट गया। इस घटना को पर्यटकों ने कैमरे में कैद कर लिया। लगभग एक मिनट का विडियो पर्यटकों ने वायरल कर दिया। वन्यजीवन की समृद्धि की इस घटना से वन्यजीव प्रेमियों में उत्साह का माहौल है। घटना गत सप्ताह की बताई गई है। रामगंगा नदी में मगरमच्छ, घड़ियाल जैसे जीव बड़ी संख्या में मौजूद हैं। योग्यतम की उत्तरजिविता का परिणाम कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बड़ोला के अनुसार ने जंगल में योग्यतम की उत्तरजिविता (सर्वाइवल ऑफ द फिटेस्ट) का नियम काम करता है। जो सक्षम होता है, वही जीवित रहता है। यह नियम एक ही प्रजाति व अलग-अलग प्रजातियों के बीच लागू होता है। जंगल में अलग-अलग प्रजातियों में इस प्रकार की घटनाएं होना समान्य है। यह घटना इसी का परिणाम है। यह कार्बेट की जैव विविधता के साथ पर्यावरण सरंक्षण को दर्शाता है।