बरेली में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्ट करने वाले कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार सुबह हड़ताल कर दी। इससे करीब 50 हजार घरों से कूड़ा नहीं उठ पाया। लोग सुबह 8:00 बजे से 10:00 तक कूड़ा उठाए जाने का इंतजार करते रहे, लेकिन कर्मचारी घरों तक नहीं पहुंचे। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना था कि उन्होंने दो अक्तूबर से काम शुरू किया था। अक्तूबर का आधा वेतन मिला। नवंबर के वेतन का एक भी रुपया नहीं मिला, इसलिए वह हड़ताल पर मजबूर हुए हैं। जब तक वेतन नहीं मिलेगा तब तक हड़ताल जारी रहेगी। अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह का कहना है कि वेतन देने की जिम्मेदारी ठेकेदार की है। ठेकेदार ने बिल पेमेंट के लिए देरी से प्रस्तुत किया इसलिए भुगतान में देरी हुई है। लेकिन अब भुगतान के लिए ठेकेदार की पत्रावली स्वीकृत हो गई है कल तक ठेकेदार के खाते में पैसा पहुंच जाएगा। इसके बाद ठेकेदार की जिम्मेदारी है कि वह कर्मचारियों के खाते में पैसा पहुंचाए। अजीत कुमार सिंह का कहना था कि कर्मचारी अगर हड़ताल करते हैं तो हड़ताल की अवधि का वेतन नहीं दिया जाएगा।