ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि देश में मुसलमानों की आबादी 25 फीसद है। इंडिया गठबंधन को अपने-अपने राज्यों में मुसलमानों का वोट चाहिए, मगर मुसलमानों की नुमाइंदगी मंजूर नहीं है। गठबंधन के नेताओं ने हमेशा मुसलमानों को वोटबैंक के तौर पर इस्तेमाल किया। दिल्ली में हुई इंडिया गठबंधन की बैठक पर शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि 28 दलों के साथ असम की यूडीएफ प्रमुख मौलाना बदरुद्दीन अजमल और एमआईएम चीफ असदुद्दीन को भी बैठक में बुलाया जाना चाहिए था, लेकिन गठबंधन की बैठक में कोई भी मुसलमान नजर नहीं आया। कहा कि मुस्लिम चेहरों को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है। मौलाना ने कहा कि गठबंधन के नेता अगर ये समझते हैं कि उत्तर प्रदेश के मुसलमानों का वोट अखिलेश यादव के थैले में है तो ये उनकी गलतफहमी है। इस गलतफहमी को दूर कर लेना चाहिए, क्योंकि यहां मुसलमानों ने अखिलेश यादव पर भरोसा करना छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि मुसलमान को नजरअंदाज करना इंडिया गठबंधन को भारी पड़ सकता है।