त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद गौरीगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत मेदन मवई में गंभीर गड़बड़ी सामने आई है। इसी गांव में स्थानीय सांसद व पूर्व कैबिनेट मंत्री रही स्मृति जुबिन ईरानी का आवास स्थित है, लेकिन सूची में उनका नाम शामिल न होने से प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं कई मृतकों का नाम भी सूची में शामिल है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि तीरथ राज मिश्र ने दावा किया कि बीएलओ को सभी आवश्यक अभिलेख समय से उपलब्ध कराए गए थे और उसकी रिसीविंग भी उनके पास मौजूद है। इसके बावजूद नाम सूची में न आना चौंकाने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई ऐसे मतदाताओं के नाम शामिल कर दिए गए हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है। इनमें चंद्रभान सिंह, देवी बख्श, शिवमोहन, शिव बहादुर, मालती देवी, रामदुलारे, सुमन, राधा, रामकृपाल, रामपति और संतोष आदि नाम शामिल कर दिया गया, जबकि इन मृतक मतदाताओं के नाम कटने संबंधी अभिलेख उपलब्ध करा दिए गए थे। एसडीएम प्रीति तिवारी ने मामले को संज्ञान में लेते हुए संबंधित खंड विकास अधिकारी को जांच कर आवश्यक संशोधन के निर्देश दिए हैं। कहा कि पात्र नामों को शामिल किया जाएगा, जबकि अपात्र और मृतक मतदाताओं के नाम सूची से हटाने की प्रक्रिया दावा-आपत्ति के आधार पर पूरी की जाएगी। फिलहाल इसके अलावा अन्य ग्राम पंचायतों की भी सूची में सामने आई गड़बड़ियों को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज है। अफसरों से की गई वार्ता भाजपा जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ल ने बताया कि स्मृति ईरानी का नाम विधानसभा मतदाता सूची में दर्ज है, लेकिन पंचायत सूची में शामिल करने के लिए आवश्यक दस्तावेज बीएलओ को सौंपे गए थे। सूची में नाम नहीं आया है। इस संबंध में एसडीएम से वार्ता की गई है, जिन्होंने सुधार का आश्वासन दिया है। दावा आपत्ति के जरिए खामियों का होगा सुधार एडीएम ज्योति सिंह ने बताया कि यह अंतिम सूची है और इसमें दावा आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।