अमेठी /भादर। घोरहा गांव निवासी किसान धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने विदेशी और दुर्लभ प्रजातियों के आम की खेती कर अलग पहचान बनाई है। उनके बगीचे में थाईलैंड, जापान, दक्षिण अफ्रीका सहित देश के विभिन्न हिस्सों की कई प्रजातियों के आम लगे हैं। अब उनके बगीचे को देखने दूर-दूर से किसान पहुंच रहे हैं। स्नातक शिक्षा प्राप्त धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने पारंपरिक खेती से अलग हटकर आम की दुर्लभ प्रजातियों का बगीचा तैयार किया। उन्होंने करीब चार बीघे में 122 आम के पौधे लगाए हैं। इनमें मियाजाकी, रेड पाल्मर, सेंसेशन, ऑस्टिन, रेड आइवरी, महाचनोक, बनाना मैंगो, हिमसागर, केसर, किंग ऑफ चकापात सहित कई प्रजातियां शामिल हैं। धर्मेंद्र बताते हैं कि शुरुआत में उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इंटरनेट और विभिन्न माध्यमों से जानकारी जुटाने के बाद उन्होंने पश्चिम बंगाल से पौधे मंगाए। एक पौधे पर प्रजाति के अनुसार एक हजार से 18 हजार रुपये तक खर्च आया। पूरे बगीचे को तैयार करने में करीब सात लाख रुपये की लागत लगी। बताया कि पिछले वर्ष से आमदनी शुरू हुई है। फल बिक्री से करीब एक लाख रुपये की आय हुई। आने वाले दो वर्षों में तीन से पांच लाख रुपये वार्षिक आय की उम्मीद है। वर्तमान में वह आम के पौधे तैयार कर अन्य किसानों को भी उपलब्ध करा रहे हैं।