अनियमित दिनचर्या और ठंड की वजह से अमेठी में सर्वाइकल मरीजों की संख्या में बढ़ रही है। सर्वाइकल मरीज कंधे और गर्दन के दर्द से परेशान होकर प्रतिदिन 10 से 15 मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। चिकित्सक मरीजों को परामर्श और दवाओं के साथ ही आवश्यकतानुसार थेरेपी की सलाह दे रहे हैं। जिला अस्पताल के आर्थो विभाग की ओपीडी में मिले मरीज पवन कुमार ने बताया कि ठंड के समय में सर्वाइकल की समस्या बढ़ जाती है। चिकित्सक को अभी दिखाया है। उन्होंने दवा देने संग फिजियोथेरेपी कराने व सावधानी बरतने की सलाह दी है। विमला देवी ने बताया कि उन्हें कंधे के साथ हाथ में दर्द बना हुआ है। दर्द की दवा का असर जब तक रहता तभी आराम रहता है। चिकित्सक ने ठंड से बचने व थेरिपी की सलाह दी है। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. हनुमान प्रसाद ने बताया कि लोगों की जीवनशैली में बदलाव होने से वह इसकी चपेट में आ रहे हैं।सर्वाइकल की सबसे बड़ी वजह मोबाइल-कंप्यूटर-लैपटॉप पर गलत ढंग से काम करने और अधिक समय बिताना है। दवा-फिजियोथेरेपी से ये परेशानी ठीक हो जाती है। जब लोग इसे मामूली समझकर दर्द निवारक दवाएं खा लेते हैं। तो स्थिति गंभीर हो जाती है। बताया कि लोगों को अपनी दिनचर्या में बदलाव करना जरूरी है। साथ ही समय-समय पर विटामिन-डी की जांच भी कराएं। इससे बचने के लिए ऊनी कपड़े पहनें। नियमित योग व व्यायाम बहुत आवश्यक है। तरल पदार्थ का सेवन करें। संतुलित और पोषणयुक्त भोजन व गुनगुने पानी का सेवन करें। जूते-चप्पल पहन कर रहें। दर्द होने पर गुनगुने पानी से सिकाई करने के साथ दर्द बढ़ने पर चिकित्सक से सलाह लेकर ही दवा लें।