यूपी के अमेठी में सोमवार की शाम निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद की संवैधानिक अधिकार रथ यात्रा पहुंची। इस यात्रा के साथ ही संजय निषाद ने 2027 चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। देवी पाटन से निकली संवैधानिक अधिकार यात्रा में संजय निषाद हेलमेट लगाकर बुलेट चलाते नजर आए। यात्रा में बड़ी संख्या में समर्थकों ने भाग लिया। इस मौके पर मंत्री संजय निषाद ने कहा कि संवैधानिक अधिकार यात्रा को लेकर निषाद समुदाय के मतदाताओं को एकजुट करने निकला हूं। उनको जगाने निकला हूं। पिछली सरकारों में निषाद समुदाय के अधिकारों को संविधान में छीना गया है। समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। मंत्री ने कहा कि औरंगजेब को आदर्श मानने से कुछ नहीं होगा। आदर्श वे होते हैं जो देश को आज़ाद कराते हैं। सुल्तानपुर में दिए अपने बयान को दोहराते हुए संजय निषाद ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान "जब रक्षक ही भक्षक बन रहे थे, तब महिला मोर्चा का कमाल था।" उन्होंने दावा किया कि कोर्ट ने भी स्वीकार किया है कि निषाद समुदाय पर लाठी चार्ज किया गया था। संजय निषाद ने अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी को भाड़े के पहलवानों को हटाकर असली अखाड़े के पहलवानों को आगे लाना चाहिए। केशव प्रसाद मौर्या को मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर विधायक द्वारा दिए गए बयान पर सफाई देते हुए संजय निषाद ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी बयान से नहीं चलती, वहां एक सिस्टम है। बीजेपी इतनी बड़ी पार्टी है कि शीर्ष नेतृत्व तय करता है कि किसे कहां बैठाना है। जब समय आएगा, तब निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने योगी आदित्यनाथ को सरकार का अभिभावक बताते हुए कहा कि संगठन में सभी फैसले नेतृत्व के निर्देश पर लिए जाते हैं। समाजवादी पार्टी के पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) गठजोड़ पर कटाक्ष करते हुए संजय निषाद ने कहा कि पीडीए का मतलब पीड़ित, दुखी, अपमानित है। जितने लोग सपा, बसपा और कांग्रेस के शासन में अपमानित हुए हैं, वे सभी अब मोदी-योगी के साथ खड़े हैं। शहर से यात्रा मुंशीगज के सराय खेमा के लिए निकली। इस यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय समर्थक मौजूद रहे।