श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी की छावनी प्रवेश यात्रा में बड़ी संख्या में नागा साधु संतों के साथ हाथी, घोड़े, ऊंट और बग्घियों पर सवार होकर संत पहुंचे। बृहस्पतिवार को दारागंज से शुरू हुए छावनी प्रवेश में डीजे और ढोल तासा पर संत और भक्त झूमते नजर आए। चांदी और रत्न जड़ित रथों और बग्घियों पर सवार संतों का दर्शन करने के लिए भक्तों की भारी भीड़ रही। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक बंदोबस्त किया गया था। काली मार्ग पर मेला कार्यालय के पास से वाहनों का आवागमन रोक दिया गया था। इसके कारण त्रिवेणी मार्ग पर घंटों जाम लगा रहा। श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा की पेशवाई बाघंबरी गद्दी के सामने नवनिर्मित महानिर्वाणी अखाड़े के भवन से शुरू हुई। पेशवाई संगम रेलवे लाइन से बक्शी बांध, बक्शी बांध पुलिस चौकी, निराला मार्ग होकर ओल्ड जीटी दारागंज मार्ग, दारागंज थाने के सामने से आगे गंगामूर्ति तिराहा, रिवर फ्रंट (किलाघाट) मार्ग, शास्त्री ब्रिज के नीचे से होते हुए त्रिवेणी मार्ग से अखाड़ा शिविर में पहुंचा।