डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी छात्रों की आगे की पढ़ाई पर भारी पड़ रही है। री एग्जाम देकर विषय उत्तीर्ण करने के बाद भी अंकपत्र में परिणाम अपडेट नहीं होने से छात्र-छात्राएं डिग्री पूरी करने के बावजूद आगे के पाठ्यक्रमों में प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं। ऐसे ही चार मामले सामने आए हैं, जिनमें छात्र हर सप्ताह विश्वविद्यालय के चक्कर लगाकर आवेदन दे रहे हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। बीएससी एग्रीकल्चर के 2022-26 बैच के छात्र अंशुल के द्वितीय वर्ष के चौथे सेमेस्टर में एक विषय में फेल कर दिया था। उसने दो बार री एग्जाम दिया, लेकिन परिणाम अपडेट नहीं हुआ। पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद उसने विश्वविद्यालय में परिणाम सुधारने के लिए आवेदन दिया। कई चक्कर लगाए, अब परिणाम में सुधार करने के बजाय अंशुल को 2 अन्य सेमेस्टर में भी उसे अनुत्तीर्ण दर्शा दिया गया। अब वह पहले की समस्या के साथ नई गड़बड़ी दूर कराने के लिए विश्वविद्यालय के चक्कर काट रहा है। बैकुंठी डिग्री कॉलेज की छात्रा मोनिका ने बीए पूरा कर लिया है। उसके द्वितीय सेमेस्टर में एक विषय में अनुत्तीर्ण परिणाम आया था। उसने पुनर्परीक्षा दी और विषय उत्तीर्ण कर लिया, लेकिन आज तक परिणाम अपडेट नहीं हुआ। उसके पास अभी भी वही अंकपत्र है, जिसमें संबंधित विषय में अनुत्तीर्ण दर्शाया गया है। इसी अंकपत्र के आधार पर बीटीसी में प्रवेश लेने के बाद अनुत्तीर्ण दर्ज होने के कारण उसका प्रवेश निरस्त कर दिया गया। अब वह परिणाम संशोधन के लिए विश्वविद्यालय के चक्कर लगा रही है। आगरा कॉलेज की रेनू वर्मा ने बीए पूरा कर लिया है। उसके द्वितीय सेमेस्टर में एक विषय में ग्रेड संबंधी समस्या थी। उसने परीक्षा दी और उत्तीर्ण भी हुई, लेकिन परिणाम अभी तक अपडेट नहीं किया गया। परिणाम में सुधार नहीं होने के कारण वह एमए में प्रवेश नहीं ले पा रही है। आगरा कॉलेज की ही जागृति ने बीए किया है। उसके द्वितीय और तृतीय सेमेस्टर में विषयों का परिणाम अनुत्तीर्ण दर्शाया गया था। छात्रा ने संबंधित परीक्षाएं दीं, लेकिन परिणाम अब तक अपडेट नहीं हुआ। इसके कारण वह भी आगे किसी पाठ्यक्रम में प्रवेश नहीं ले पा रही है। हर सप्ताह आवेदन, समाधान का इंतजार चारों छात्रों का कहना है कि वे परिणाम सुधार के लिए विश्वविद्यालय में लगातार आवेदन दे रहे हैं और हर सप्ताह चक्कर लगा रहे हैं। परीक्षा देने और उत्तीर्ण होने के बावजूद अंकपत्र में परिणाम अपडेट नहीं होने से उनकी आगे की पढ़ाई और करियर प्रभावित हो रहा है। छात्रों की मांग है कि उनके परीक्षा रिकॉर्ड की जांच कर परिणाम तत्काल संशोधित किए जाएं और संशोधित अंकपत्र उपलब्ध कराया जाए। छात्रों का सवाल है कि परीक्षा पास करने के बाद भी यदि विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड में परिणाम दर्ज नहीं होगा तो वे अपनी योग्यता साबित करने के लिए किस दस्तावेज का सहारा लें। छात्रों ने विश्वविद्यालय से मामले में जल्द कार्रवाई कर परिणाम दुरुस्त कराने की मांग की है।