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VIDEO: अलविदाई मजलिस में नम हुईं आंखें, ‘या हुसैन अलविदा’ के नारों के बीच निकला जुलूस

Arun Parashar Updated Sat, 22 Aug 2026 10:24 PM IST

आगरा में इमाम हुसैन की शहादत के अय्याम-ए-अजा के अंतिम दिन शनिवार को दयालबाग रोड स्थित मजार शहीद-ए-सालिस न्यू आगरा पर अलविदाई मजलिस का आयोजन किया गया। दिल्ली से आए मौलाना जाफर रिजवी ने मजलिस को खिताब किया। उन्होंने कहा कि अगर लोग इमाम हुसैन के बताए रास्ते पर चलें तो समाज से हर बुराई को समाप्त किया जा सकता है। मौलाना ने इमाम हुसैन की शहादत के बाद उनके परिवार की महिलाओं और बच्चों पर हुए जुल्म की दास्तान बयां की तो मजलिस में मौजूद सैकड़ों मोमिनों की आंखें नम हो गईं। मजलिस के बाद अलविदाई जुलूस निकाला गया। जुलूस नूरी नासिर बाग से न्यू आगरा मार्केट होते हुए वापस मजार शहीद-ए-सालिस पर संपन्न हुआ। जुलूस में 18 अलम, ताजिया और ताबूत की जियारत कराई गई। नौहा और मातम के लिए रामपुर से अंजुमन-ए-परचमे अलम ने शिरकत की। वहीं आगरा के अकीदतमंदों ने मातम कर इमाम हुसैन को खिराज-ए-अकीदत पेश किया और अय्याम-ए-अजा को रुखसत किया। जुलूस में सैयद अली रजा ने तकरीर करते हुए कहा कि जो इमाम हुसैन का सच्चा अज़ादार होगा, वह हमेशा अपने मुल्क हिंदुस्तान का वफादार रहेगा। जुलूस में हर तरफ ‘या हुसैन अलविदा, या इमाम अलविदा’ की सदाएं गूंजती रहीं। कार्यक्रम का आयोजन अंजुमन गुलामाने अत्फाले हुसैनी मजार शहीद-ए-सालिस की जानिब से किया गया। संचालन मोहम्मद मिर्जा ने किया। इस मौके पर अंजुमन अध्यक्ष नजर इमाम, सचिव जफर कासिम सहित अंजुमन के सदस्य मौजूद रहे।

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