मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीएनए के स्वर्ण जयंती समारोह में आनंद मठ नाटक का मंचन देखा और अपने संबोधन में कहा कि हम लोग बचपन में सुनते थे कि रंगमंच समाज का दर्पण होता है और समाज की दिशा भी तय करता है। भावनाएं शब्द बनती हैं और शब्द अभिनय का रूप लेते हैं। उन्होंने कहा कि हमने आनंद मठ नाटक में देखा कि महामारी के दौर में अंग्रेजी हुकूमत ने आमजन को मरने के लिए छोड़ दिया था। वहीं, कोरोना जैसी बीमारी से जब पूरी दुनिया चपेट में आई थी, भारत भी इसकी चपेट में आया लेकिन सरकार के प्रयासों ने अपने नागरिकों के हितों की रक्षा की। उन्होंने कहा कि आनंद मठ की प्रस्तुति प्रदेश के हर जिले में और सभी स्कूलों और कॉलेजों में होनी चाहिए। इसकी अवधि 15 मिनट की नहीं बल्कि दो घंटे की होनी चाहिए। सीएम ने कहा कि हमें अपने नायकों को भुलाना नहीं चाहिए। उन्हें सम्मान देना चाहिए।