उत्तर प्रदेश की सियासत में राजभर वोट बैंक को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव सुभाष राजभर ने शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री एवं सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि ओमप्रकाश राजभर भाजपा में सम्मान की जगह रोज अपमानित हो रहे हैं और उनकी राजनीतिक ताकत लगातार कमजोर हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी जाति नहीं, बल्कि समाजवादी विचारधारा की राजनीति करती है। सुभाष राजभर ने कहा कि ओमप्रकाश राजभर का राजनीतिक सफर 1990 के दशक में बहुजन समाज पार्टी से शुरू हुआ था। वह कांशीराम के साथ जुड़े, बसपा में ग्राम सभा अध्यक्ष और वाराणसी के जिलाध्यक्ष रहे तथा 1991 में कोलअसला विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। बाद में उन्होंने वाराणसी कचहरी में अपने सहयोगियों के साथ मिलकर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) की स्थापना की, जिसका प्रभाव कुछ जिलों तक सीमित रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि ओमप्रकाश राजभर ने समय-समय पर अपने पुराने राजनीतिक सहयोगियों का भी सम्मान नहीं किया। उनके अनुसार, बसपा छोड़ने के बाद उन्होंने पार्टी और उसके नेतृत्व के खिलाफ लगातार बयान दिए। सुभाष राजभर ने दावा किया कि कांशीराम और मायावती तक पर भी उन्होंने आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, जिसके बाद बसपा के कई नेता समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। प्रदेश सचिव ने कहा कि ओमप्रकाश राजभर कभी अपने दम पर विधायक नहीं बन सकते थे और न ही दूसरों को जिता सकते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने क्षेत्र के विकास कार्यों में भी वह अपेक्षित भूमिका नहीं निभा सके। उनका कहना था कि एक समय ओमप्रकाश राजभर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तक के खिलाफ बयान देते थे, लेकिन अब भाजपा के साथ सत्ता में हैं। सुभाष राजभर ने आरोप लगाया कि भाजपा ओमप्रकाश राजभर का इस्तेमाल केवल राजभर समाज के वोटों के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उन्हें इसी राजनीतिक समीकरण के तहत साथ रखे हुए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि ओमप्रकाश राजभर के सोशल मीडिया पोस्ट भाजपा का आईटी सेल तैयार करता है। उन्होंने कहा कि आज राजभर समाज का बड़ा वर्ग समाजवादी पार्टी की विचारधारा के साथ खड़ा है। सुभाष राजभर ने परिवारवाद का मुद्दा उठाते हुए कहा कि ओमप्रकाश राजभर की राजनीति परिवार तक सीमित हो गई है और जनता उनके दावों को लगातार नकार रही है।