बाबा लाट भैरव के विवाहोत्सव के बाद सोमवार को पहली आरती की गई। इससे पहले स्नान के बाद धानी रंग के नए वस्त्र में बाबा का अद्भुत शृंगार किया। श्रद्धालुओं ने रजत मुखौटे सहित बाबा भैरव व माता भैरवी को नमन कर सुखी वैवाहिक जीवन की कामना की। श्री कपाल भैरव और लाट भैरव प्रबंधक समिति की ओर से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। बाबा लाट भैरव ने भैरवी संग खिचड़ी का स्वाद चखा। देर शाम अष्ट भैरव को पुड़ी, सब्जी, खिचड़ी, खीर, पापड़ आदि का भोग अर्पित करने के बाद भंडारे का आरंभ हुआ।