सुल्तानपुर में घने कोहरे और भीषण ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। जिले में सुबह की शुरुआत कोहरे की मोटी चादर और हाड़ कंपा देने वाली ठंड के साथ जो रही है। सड़कों पर दृश्यता बेहद कम होने के कारण यातायात पर भी असर पड़ा है। विजिबिलिटी 30 मीटर से कम होने से सड़कों पर वाहन काफी धीमी गति से हुए चल रहे हैं। ड्राइवरों को फॉग लाइट का सहारा लेना पड़ रहा है, फिर भी दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है। जिले में कक्षा 8 तक के परिषदीय व मान्यता प्राप्त विद्यालयों में शीतकालीन अवकाश पहले ही घोषित था, भीषण ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने 12वीं तक के विद्यालयों को भी 13 जनवरी तक के लिए बंद करने का आदेश दिया है। इसके बावजूद कोचिंग जाने वाले छात्र/छात्राओं को सबसे अधिक दिक्कत हो रही है। दिहाड़ी मजदूरी करने वालों के लिए यह ठंड किसी चुनौती से कम नहीं है। सुबह की ठंड के कारण उनका काम प्रभावित हो रहा है। कस्बों और चौराहों सहित कई स्थानों पर प्रशासन द्वारा अलाव की व्यवस्था भी की गई है। लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। दुकानदार अपनी दुकानों के बाहर अलाव जला रहे हैं,जहां लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। ठंड का प्रतिकूल प्रभाव खेती-बारी पर भी पड़ रहा है। दलहन और तिलहन की फसलें ज्यादा प्रभावित हो रही है। अधिक ठंड के चलते सरसों, चना मटर जैसी फसलों का उत्पादन भी प्रभावित होगा। ठंड व कुहरे के चलते आलू की फसल को झुलसा रोग से बचाना किसानों के लिए बड़ी चुनौती है। सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को गेहूं की सिंचाई के लिए उठानी पड़ रही है दिन में पर्याप्त बिजली आपूर्ति न होने के कारण मजबूरी में उन्हें रातों में खेतों की सिंचाई करनी पड़ रही है।