सपा कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को बढ़ौली चौक पर अमेरिकी राष्ट्रपति का पुतला फूंका। निर्वासित भारतीयों को बेड़ियों में बांधकर भेजने का आरोप लगाते हुए कड़ी निंदा की। इस घटना पर केंद्र सरकार को चुप्पी तोड़ने और कड़ा विरोध दर्ज कराने की मांग की। सपा के जिला सचिव प्रमोद यादव ने कहा कि अमेरिका में रह रहे भारतीयों को बंधक बनाकर भारत भेजना मानवता और भारत के लोगों को शर्मसार करता है। कहा कि केंद्र सरकार संसद में कुछ बोलने को तैयार नहीं है, जबकि पीएम को खुद इस विषय पर बोलना चाहिए। सपा के नगर अध्यक्ष पारब्रह्म सिंह ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति भारत को नीचा दिखाने का काम कर रहे हैं। पूर्व नगर सचिव मनीष त्रिपाठी ने कहा कि केंद्र सरकार को इस विषय पर हस्तक्षेप करना चाहिए। आज भारत 10 शक्तिशाली राष्ट्र से बाहर हो गया है और केंद्र सरकार केवल चुप बैठी है। प्रदर्शन में पूर्व नगर उपाध्यक्ष सुरेश अग्रहरि, जुनैद अंसारी, शौर्य त्रिपाठी, विष्णु कुशवाहा, विजय भारती, मुन्ना कुशवाहा, गोपाल गुप्ता आदि मौजूद रहे।