बहराइच के नवाबगंज क्षेत्र अंतर्गत महलिया निवासी शीबा उर्फ सना किसे अपनी मां कहे। जन्म के बाद मां ने त्याग दिया और मामी को सौंप दिया। बाद में मामी ने अपनी भाभी को सौंप दिया। अब शीबा को पाने के लिए मां ने श्रावस्ती के सोनवा थाने में अपहरण का केस दर्ज कराया है। पुलिस तीनों पक्षो को बैठाकर पूछताछ कर रही है। बहराइच के नबाबगंज क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पीर नसरुद्दीन रामनगर सेमरा के मजरा महलिया निवासी बड़का पत्नी इसराइल का सितंबर 2018 में गांव के ही एक पटीदार से विवाद हुआ था। इस दौरान बड़का ने पटीदार पर मारपीट का आरोप लगाते हुए अपने सात माह के गर्भ गिरने की बात कही थी। बाद में बड़का, सोनवा क्षेत्र के चंदर्खा बुजुर्ग अपने मायके आकर रहने लगी थी। यहां 20 सितंबर 2018 को बड़का ने जिला अस्पताल बहराइच में पुत्री को जन्म दिया था। उसका नाम शीबा उर्फ सना रखा था। इस दौरान केस में गर्भपात की पोल न खुले इसके लिए बड़का ने शीबा को अपनी भाभी चंदर्खा बुजुर्ग निवासी सकीना पत्नी सलीम को सौंप दिया। एक साल बाद सकीना ने शीबा को अपने भाई हरदत्त नगर गिरंट क्षेत्र के मानूडीह निवासी फिरोज खान की पत्नी को सौंप दिया। अब बड़का व उसका पति सकीना से अपनी पुत्री को वापस भेजने की मांग कर रहे हैं। बात नहीं बनी तो इसराइल ने अपने साले व सरहज सहित फिरोज पर अपनी पुत्री के अपहरण का केस दर्ज करा दिया। बाद में पुलिस महाराष्ट्र से शीबा को वापस सोनवा थाने लाई। अब पुलिस तीनों पक्षों को आमने सामने बैठा कर पूछताछ कर रही है। इस बारे में थानाध्यक्ष सोनवा गणनाथ प्रसाद का कहना है कि शीबा को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा। जो फैसला होगा उसका अनुपालन कराया जाएगा। चंदर्खा बुजुर्ग निवासी सकीना ने 20 सितंबर 2019 को अपने भाई फिरोज खान के पक्ष में एक इकरारनामा लिखा था। इसमें सकीना ने कहा था कि उसने 26 सितंबर को 2019 को जिला अस्पताल बहराइच में शीबा को जन्म दिया। जिसे पालन पोषण के लिए अपने भाई फिरोज खान को दत्तक पुत्री के रूप में दे रही हूं। 26 सितंबर से अब इस पूत्री पर मेरा कोई अधिकार न रहेगा और न ही हमारे चल-अचल संपत्ति में कोई हिस्सा होगा। इस सुलहनामा में इसराइल व उसकी पत्नी बड़का ने भी गवाह के रूप में हस्ताक्षर किया था। अब दंपती अपने ही इकरारनामा से इंकार कर रहे हैं।