शाहजहांपुर में लेखक सुधीर विद्यार्थी ने काकोरी केस के अमर नायकों की प्रतिमाएं तोड़े जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वर्ष 1972 में आजादी के रजत जयंती वर्ष पर नगर पालिका की अध्यक्ष ने प्रतिमाएं बनवाई थीं। इन प्रतिमाओं को टुकड़े-टुकड़े करते हुए मलबे डंपिंग ग्राउंड में डाल दिया। शहीदों का अपमान की खबर देश से लेकर विदेशों तक पहुंची और सब आक्रोशित हैं। दिल्ली का बुद्धजीवी वर्ग भी एक तिथि तय कर आंदोलन करने आ सकते हैं