विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में मंगलवार को भी बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने कहा कि जब तक निजीकरण का फैसला निरस्त नहीं होगा, तब तक आंदोलन चलता रहेगा। विद्युत संघर्ष समिति के पदाधिकारी सुनील प्रजापति ने कहा कि झूठे आंकड़ों के आधार पर विद्युत निगमों के निजीकरण की साजिश की जा रही है। इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।