रायबरेली में लालगंज कस्बा के गोविंदपुर वलौली स्थित किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) कार्यालय में शुक्रवार को एनसीडीसी की ओर से कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें किसानों को एफपीओ की संरचना, कामकाज और इससे जुड़ने पर मिलने वाले लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम की शुरुआत संस्था के निदेशक संजय कुमार ने की। उन्होंने बताया कि किसान समूह बनाकर एफपीओ की तरह काम कर सकते हैं। सरकार इसमें हर कदम पर मदद करती है। किसान अपने गांव में प्रसंस्करण यूनिट लगा सकते हैं। इससे उत्पादन का मूल्य बढ़ेगा। किसान सीधे अपनी वस्तुएं उपभोक्ताओं तक पहुंचा सकेंगे। बीच की लागत कम होगी तो इसका फायदा किसानों के साथ ही उपभोक्ता को भी मिलेगा। स्थानीय स्तर पर शुद्ध और ताजी वस्तुएं उपलब्ध होंगी। किसानों ने भी मौके पर अपनी दिक्कतें रखीं। खेती से जुड़े कई जरूरी सवाल पूछे। उपनिदेशक नागेंद्र सिंह ने कहा कि प्रसंस्करण यूनिट लगाने के बाद मार्केटिंग की जिम्मेदारी एफपीओ और उससे जुड़े किसानो को संभालनी होंगी। उत्पादकता बढ़ेगी तो बाजार भी अपने आप बढ़ने लगेगा। इससे गांव के किसानों की कमाई में सीधा सुधार दिखाई देगा। सीबीबीओ गिरीश सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार के सहकारिता विभाग की ओर से किसानों को लगातार प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि किसान अपने उत्पाद की मार्केटिंग खुद कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि एफपीओ और स्वयं सहायता समूह मिलकर उत्पादन से लेकर बिक्री तक एक मजबूत चेन तैयार कर सकते हैं। कार्यक्रम में एफपीओ निदेशक महीप त्रिवेदी, शरद सिंह, अजय यादव, केसरी बाजपेई, आभा, हरिओम, चंकी पांडे, संजय, सोनू, दीपक और रविशंकर समेत बड़ी संख्या में किसान स्वयं सहायता समूह से जुडी महिलाएं मौजूद रही।