मुजफ्फरनगर में मुस्लिमों की अधिकता वाले करीब 16 गांवों में सात माह पहले हुए लोकसभा के मुकाबले मतदान की रफ्तार धीमी रहने से सपा के रणनीतिकारों की चिंता बढ़ गई है। पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग के बूथों पर मतदान बेहतर रहने से रालोद और भाजपा के खेमे में सुकून नजर आया। बसपा और आसपा के नेता अनुसूचित जाति के बूथों का गणित जुटाते रहे।