उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने तहसील परिसर में एक दिवसीय हड़ताल करते हुए धरना प्रदर्शन किया। जिसके चलते छः सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम प्रसून कश्यप को ज्ञापन सौंपा। शुक्रवार लेखपाल संघ के तहसील घिरोर अध्यक्ष राजेश यादव ने बताया कि फतेहपुर जनपद में एसआइआर में लगे लेखपाल सुधीर कुमार कोरी ने उस समय आत्महत्या कर ली, जब उसके घर जाकर 25 नवंबर को राजस्व निरीक्षक ने सुबह साढ़े छः बजे एसडीएम संजय कुमार सक्सेना द्वारा उसे बर्खास्त करने जैसी धमकी देने की सूचना दी। जबकि 26 नवंबर को लेखपाल सुधीर कुमार की शादी होनी थी। इसके बाद जिला प्रशासन फतेहपुर ने इस मामले में असंवेदनशीलता दिखाते हुए लीपापोती करदी । स्वजन की तहरीर लेखपालों के अनुरोध के बाबजूद 30 घंटे बाद तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। स्वजन ने प्राथमिकी दर्ज न होने की स्थिति में शव का पोस्टमार्टम एवं दाह संस्कार कराने से इंकार कर दिया तो प्रशासन ने षडयंत्र पूर्वक स्वजन की तहरीर बदलवा दी। मुख्य आरोपित एसडीएम संजय कुमार सक्सेना का नाम शमिल न करके केवल राजस्व निरीक्षक के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई। इससे लेखपाल संघ आक्रोशित है। मृतक लेखपाल के स्वजन को न्याय दिलाने की मांग करते हुए छः सूत्रीय ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को देते हुए तहसील सचिव अनुराग यादव ने बताया कि मुख्य आरोपी आईपीएस संजय कुमार सक्सेना के नाम अज्ञात के स्थान पर एफआईआर में नाम दर्ज किया जाए। साथ ही मृतक की माता को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए साथ ही एसआईआर की अंतिम तिथि आगे बढ़ाई जाए कम समय में काम पूरा करने का दबाव कर्मचारियों के स्वास्थ्य एवं जीवन के को खतरे में डाल रहा है। और अधीनस्थ कर्मचारी लेखपालों के साथ सब व्यवहार संवेदनशीलता एवं संवाद स्थापित करने तथा लेखपाल संघ पदाधिकारियों के साथ शासन के निर्देशानुसार नियमित बैठक करने के निर्देश समस्त जिला अधिकारियों एवं उप जिलाधिकारी को निर्गत किए जाएं। लेखपालों को सामान्य अप निर्वाचन तथा मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान परिभाषित ड्यूटी हेतु प्रोत्साहन रस के रूप में एक माह के वेतन के बराबर मानदेय भुगतान हेतु निर्वाचन कार्यालय के कर्मचारियों के साथ सूची बंद कराई जाए। इस दौरान सचिव अनुराग यादव, उपाध्यक्ष रजनी यादव, चंद्रेश यादव, इमरान मंसूरी, पंकज कुमार, गोल्डी मौजूद रहे।