लखीमपुर खीरी के ईसानगर क्षेत्र के नरगड़ा गांव में 41 साल बाद आखिर इस बार होली पर दुल्हन दूल्हे के साथ लौट आई। इससे पहले अब तक 40 बार दूल्हा बिना दुल्हन के लौट चुका है। इस बार दूल्हे का कार से बरात लेकर आना हुआ तो दुल्हन उसके साथ खुशी-खुशी विदा हो गई। वैसे बीते 40 वर्षों से वह भैंसे पर बैठकर दुल्हन को विदा कराने जाता था। असल में यह असली बरात नहीं बल्कि होली पर होने वाला एक स्वांग है, जो 41 वर्षों से परंपरागत तरीके से निभाया जाता है। इस बार भी यह परंपरा निभाई गई। दुल्हन के आने की खुशी में लोगों ने जमकर खुशी मनाई और रंग-गुलाल उड़ाया।